प्रभाग

Division

परिचय

Printer-friendly version

राष्ट्रीय और साथ ही वैश्विक स्तरों पर उभरती हुई समस्याओं को ध्यान में रखते हुए राष्ट्रीय संरक्षण रणनीति एवं नीति विवरण 1992 में रेखांकित पर्यावरण नीति की समय-समय पर समीक्षा की जाती है. इन उद्देश्यों की रक्षा करने के लिए विधायी तथा नियामक उपायों का एक समूह बनाया गया है, जिनका लक्ष्य पर्यावरण के परिरक्षण, संरक्षण एवं रक्षण करना है. इनमें नियम तैयार करना, मानकों की अधिसूचना, पर्यावरणीय प्रयोगशालाओं की अधिसूचना, शक्तियों का प्रत्यायोजन, राज्यों में खतरनाक परिषदों के प्रबंधन हेतु एजेंसियों की पहचान करना इत्यादि शामिल हैं.

 

इनके अलावा, पर्यावरणीय प्रबंधन क्षमता निर्माण परियोजना के अंतर्गत, भारत में पर्यावरण कानून के क्रियान्वयन को सुदृढ़ बनाने का कार्य किया गया है. इस परियोजना के अंतर्गत नैशनल लॉ स्कूल ऑफ इंडिया विश्वविद्यालय, बैंगलोर द्वारा विधिक ढ़ांचे को सुदृढ़ बनाने के लिए कई प्रशिक्षण/कार्यशाला/परिचर्चाओं का आयोजन किया गया है. शासकीय अधिकारियों, न्यायाधीशों, विधि शिक्षकों, अधिवक्ताओं, औद्योगिक प्रबंधकों, एलएसजी तथा एनजीओ के लिए प्रशिक्षण का आयोजन किया गया है.

 

  • राष्ट्रीय हरित अधिकरण (एनजीटी)
  • राष्ट्रीय पर्यावरण मूल्यांकन एवं निगरानी प्राधिकरण (नेआमा) की स्थापना – परिचर्चा प्रपत्र | आईआईटी दिल्ली द्वारा प्रतिवेदन
  • भारत का राष्ट्रीय पर्यावरण संरक्षण प्राधिकरण (नेपा)
  • राष्ट्रीय हरित अधिकरण विधेयक 2009 का मसौदा
  • राष्ट्रीय पर्यावरण नीति – 2006